dardshayari

मुझे शिकायतें
तुम से नही,à¤..ब खुद से हैं
माना के सारे झूठ तेरे थे~~~
लेकिन उन पर यकिन तो मेरा था~~~
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जुदाईयां जब मुकद्दर हैं
तो वफ़ा का वादा कैसा...
इश्क तो आखिर इश्क है कम कैसा ज्यादा कैसा...
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एक मुद्दत से तेरे आने के इन्तेज़ार
में....खुद ही à¤..पना दरवाज़ा खटखटाता रहा हूँ मैं
à¤..ब बस कर पत्थर होने लगी है आँखें....ऐ दिल हर
रोज यूँ उसका रास्ता न देख..
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🍂🍃🍂ज़िंदगी में बस 🍂🍃🍂
दोस्ती ही रह जाती है मुनाफा बन के
मोहब्बत के सौदों में नुकसान बहुत है..
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बरसों गुजर गये हमें
मोहब्बत का इम्तिहां देते देते
लेकिन फिर भी
उस मोड़ पर है जिंदगी
ना कहा जाता है ना रहा जाता है..
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बस एक मोड़
आया था ज़िंदगी में हमारी
फिर उस के बाद उलझती गई ज़िंदगी
जिसे आज तक नहीं समझ पाए हम..
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सब झूठ कहते हैं कि मुहब्बत किसी का दिल तोड़ती है,
लोग खुद ही टूट जाते है मुहब्बत करते करते…!!
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तुम कभी नहीं आओगे हमें मालूम था उस शाम भी…
इंतज़ार तुम्हारा मगर कुछ सोच कर करते रहे…
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तलब कहूँ ख़्वाहिश कहूँ ..
या कहूँ इश्क़ तुम्हें ..
जो भी था...सिर्फ
तुम से तुम तक का ही ये सफ़र ....
मेरी ज़िंदगी था..
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खुद को बदल दिया सिरे से à¤..ंत तक
ना बदल पाये बस तेरी यादों के पन्नो को पलटना आज तक..
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नींद तब भी नही आती थी, à¤..ब भी नही आती है,
पहले तुम्हारे साथ जगते थे, à¤..ब तुम्हारी याद में जगते हैं..
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ज़िन्दगी में à¤..गर कोई à¤..च्छा लगे तो उसे सिर्फ चाहना,प्यार मत करना
क्योंकि प्यार खत्म हो जाता है लेकिन चाहत कभी खत्म नहीं होती..
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